फ्रांस की राजधानी पैरिस में डीज़ल और पेट्रोल की बढ़ती क़ीमतों के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं और पानी की बौछार की है.
पैरिस में बीते दो हफ़्तों से हर सप्ताहांत में लोग विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं.
पैरिस के शांज़ एलीज़े इलाक़े में संवेदनशील जगहों में पुलिस के बनाए बैरीकेड को तोड़ने का प्रयास कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई जिसके बाद वहां हालात बिगड़ गए. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी.
यहां हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे और क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क़रीब 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी.
प्रदर्शन के आयोजकों ने ताज़ा प्रदर्शनों को अपने अभियान का "दूसरा पड़ाव" कहा है. पैरिस में इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने पीले रंग के जैकेट पहने हुए हैं जिन्हें दूर से देखा जा सकता है. इस कारण इन्हें "येलो जैकेट्स" भी कहा जा रहा है.
शांज़ एलीज़े इलाके में प्रधानमंत्री के कार्यालय समेत कुछ अन्य महत्वपूर्ण इमारतें हैं. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए इमारतों के आगे एक सुरक्षा घेरा बनाते हुए पुलिस ने मेटल बैरिकेड्स लगाए थे.
अधिकारियों का कहना है कि अब तक कोई भी प्रदर्शनकारी इस इलाक़े में प्रवेश नहीं कर पाया है.
कुछ प्रदर्शनकारियों ने पटाखे और सड़कों के किनारे फुटपाथ से पत्थर निकालकर पुलिस पर फेंके. वे राष्ट्रपति इनमैनुएल मैक्रों के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे और उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.
देश की गृहमंत्री क्रिस्टोफ़ कास्टानेयर ने कहा है कि ये प्रदर्शनकारी धुर दक्षिणपंथी रीएसेम्बलमेंट नैशनल पार्टी के नेता मेरीन ले पेन के प्रभाव में प्रदर्शनकारी एकजुट हुए हैं. ट्विटर पर उन्होंने मेरीन ले पेन पर बेईमानी का आरोप लगाया.
क्यों गुस्से में हैं प्रदर्शनकारी?
फ्रांस में चलने वाली कारों में अधिकतर डीज़ल का इस्तेमाल किया जाता है. देश में बीते 12 महीनों में डीज़ल की क़ीमतें क़रीब 23 फ़ीसदी बढ़ गई हैं. कीमतों में औसत 1.71 डॉलर प्रति लीटर की दर से बढ़ी हैं और 2000 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर है.
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल का क़ीमतें बढ़ गई थीं जिसके बाद वो फिर से कम हो गई थीं. लेकिन मैक्रों सरकार ने डीज़ल पर 7.6 सेन्ट प्रति लीटर का और पेट्रोल पर 3.9 प्रति सेन्ट फ़ीसदी का हाइड्रोकार्बन टैक्स लगाया. सरकार का कहना था कि उसने बिजली से चलने वाली कारों और स्वच्छ ईंधन अभियान के तह ये क़दम उठाया था.
इसके बाद 1 जनवरी 2019 से डीज़ल की क़ीमतों पर 6.5 सेन्ट और पेट्रोल पर 2.9 सेन्ट की बढ़ोतरी करने का फ़ैसला लिया गया था.
Sunday, November 25, 2018
Wednesday, November 7, 2018
चेहरा देखे बगैर शरीर के आकार, चाल से व्यक्ति को पहचान लेगा सॉफ्टवेयर
चीन में आम लोगों पर नजर रखने के लिए नई तकनीक ईजाद की गई है। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जो किसी भी व्यक्ति का चेहरा देखे बगैर शरीर के आकार और चलने के अंदाज से ही पहचान सकता है। इसे ‘गेट रिकगनीशन’ नाम दिया गया है। यह किसी व्यक्ति को भीड़ के बीच भी पहचान सकता है।
फिलहाल इस तकनीक को बीजिंग और शंघाई की पुलिस ने इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हालांकि, लोगों को डर है कि इसे आम लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सॉफ्टवेयर को बनाने वाली कंपनी वेट्रिक्स के सीईओ हुआंग योनझेन के मुताबिक, इसके जरिए 50 मीटर (165 फीट) दूर तक खड़े व्यक्ति को आसानी से पहचाना जा सकता है। योनझेन ने बताया कि नया सॉफ्टवेयर पुलिस की कई जरूरतें पूरी कर सकता है, क्योंकि यह अपराधियों की पहचान करने वाली फेशियल रिकगनीशन तकनीक में छूटी कमी को पूरा करता है।
सॉफ्टवेयर के लिए लोगों के सहयोग की जरूरत भी नहीं
हुआंग ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर में पहचान का डेटाबेस बनाने के लिए लोगों के सहयोग की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सॉफ्टवेयर इतना बेहतर है कि अगर कोई अपनी चाल बदल ले तब भी वह संबंधित व्यक्ति को पहचान लेगा।
मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत ने दिखाई सॉफ्टवेयर में दिलचस्पी
चीन के पश्चिमी शिनजियांग प्रांत के सुरक्षा अधिकारियों ने इस सॉफ्टवेयर में खास दिलचस्पी दिखाई है। शिनजियांग में पहले ही मुस्लिमों पर कड़ी नजर रखी जाती है। ऐसे में नए सॉफ्टवेयर के जरिए प्रांत में लोगों पर नियंत्रण की कोशिश तेज हो जाएंगी।
कैसे काम करता है गेट रिकगनीशन?
वेट्रिक्स की गेट रिकगनीशन तकनीक वीडियो से लोगों का फोटो निकाल लेती है। इसके बदलते आकार का विश्लेषण करने के बाद सॉफ्टवेयर व्यक्ति के चलने का एक मॉडल तैयार करता है। इसके जरिए रियल-टाइम में किसी की पहचान नहीं की जा सकती। लेकिन प्रोग्राम में वीडियो को डालने के कुछ ही देर बाद सॉफ्टवेयर व्यक्ति की पहचान बता सकता है। खास बात यह है कि इस तकनीक के लिए किसी स्पेशल कैमरे की भी जरूरत नहीं होती। सीसीटीवी के फुटेज से भी एक्शन देखकर प्रोग्राम व्यक्ति की पहचान कर सकता है। गेट की एक खासियत यह है कि इससे किसी की गतिविधियां देखकर उनकी बॉडी लैंग्वेज भी समझी जा सकती है। परेशानी की स्थिति में चलने वालों और बीमार लोगों की मदद में यह सॉफ्टवेयर काफी काम आ सकता है।
फिलहाल इस तकनीक को बीजिंग और शंघाई की पुलिस ने इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हालांकि, लोगों को डर है कि इसे आम लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सॉफ्टवेयर को बनाने वाली कंपनी वेट्रिक्स के सीईओ हुआंग योनझेन के मुताबिक, इसके जरिए 50 मीटर (165 फीट) दूर तक खड़े व्यक्ति को आसानी से पहचाना जा सकता है। योनझेन ने बताया कि नया सॉफ्टवेयर पुलिस की कई जरूरतें पूरी कर सकता है, क्योंकि यह अपराधियों की पहचान करने वाली फेशियल रिकगनीशन तकनीक में छूटी कमी को पूरा करता है।
सॉफ्टवेयर के लिए लोगों के सहयोग की जरूरत भी नहीं
हुआंग ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर में पहचान का डेटाबेस बनाने के लिए लोगों के सहयोग की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सॉफ्टवेयर इतना बेहतर है कि अगर कोई अपनी चाल बदल ले तब भी वह संबंधित व्यक्ति को पहचान लेगा।
मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत ने दिखाई सॉफ्टवेयर में दिलचस्पी
चीन के पश्चिमी शिनजियांग प्रांत के सुरक्षा अधिकारियों ने इस सॉफ्टवेयर में खास दिलचस्पी दिखाई है। शिनजियांग में पहले ही मुस्लिमों पर कड़ी नजर रखी जाती है। ऐसे में नए सॉफ्टवेयर के जरिए प्रांत में लोगों पर नियंत्रण की कोशिश तेज हो जाएंगी।
कैसे काम करता है गेट रिकगनीशन?
वेट्रिक्स की गेट रिकगनीशन तकनीक वीडियो से लोगों का फोटो निकाल लेती है। इसके बदलते आकार का विश्लेषण करने के बाद सॉफ्टवेयर व्यक्ति के चलने का एक मॉडल तैयार करता है। इसके जरिए रियल-टाइम में किसी की पहचान नहीं की जा सकती। लेकिन प्रोग्राम में वीडियो को डालने के कुछ ही देर बाद सॉफ्टवेयर व्यक्ति की पहचान बता सकता है। खास बात यह है कि इस तकनीक के लिए किसी स्पेशल कैमरे की भी जरूरत नहीं होती। सीसीटीवी के फुटेज से भी एक्शन देखकर प्रोग्राम व्यक्ति की पहचान कर सकता है। गेट की एक खासियत यह है कि इससे किसी की गतिविधियां देखकर उनकी बॉडी लैंग्वेज भी समझी जा सकती है। परेशानी की स्थिति में चलने वालों और बीमार लोगों की मदद में यह सॉफ्टवेयर काफी काम आ सकता है।
Monday, November 5, 2018
कॉमेडी किंग को सलमान का दिवाली गिफ्ट, 'कपिल शर्मा शो' करेंगे प्रोड्यूस!
कॉमेडी किंग कपिल शर्मा टीवी पर धमाकेदार वापसी के लिए तैयार हैं. दिसंबर में शादी के बाद वे छोटे पर्दे पर कॉमेडी का तड़का लगाएंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कॉमेडी किंग की वापसी में सलमान खान की अहम भागेदारी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपिल के कॉमेडी शो को सलमान खान का प्रोडक्शन हाउस प्रोड्यूस करेगा. दिसंबर 16 से कपिल शूटिंग शुरू करेंगे. पहले कपिल का बैनर ही शो को प्रोड्यूस करता था. लेकिन ''फैमिली टाइम विद कपिल शर्मा'' के प्रोडक्शन की जिम्मेदारी चैनल ने किसी और को दी थी.
कपिल के शो के लिए फिल्म सिटी के आठवें फ्लोर पर सेट बन रहा है. इसी जगह पर कपिल ने पुराने सीजन किए हैं. बता दें कि 12 दिसंबर को कपिल शर्मा जालंधर में अपनी गर्लफ्रेंड गिन्नी चतरथ से शादी कर रहे हैं. वहीं 14 दिसंबर को रिसेप्शन पार्टी होगी.
कपिल शर्मा ने अपनी शादी की डेट को कंफर्म करते हुए आईएएनएस को बताया था- ''शादी 12 दिसंबर को गिन्नी के होम टाउन जालंधर में होगी. हम इस समारोह को सादा रखना चाहते थे, लेकिन गिन्नी इकलौती बेटी है, इसलिए वे इसे धूमधाम से करना चाहते हैं. मैं उनकी भावनाओं को समझता हूं. मेरी मां भी यही चाहती हैं."
कॉमेडियन लंबे वक्त से लाइमलाइट से दूर हैं. काफी समय तक विवादों में रहने के बाद उन्होंने खुद को लाइमलाइट से दूर कर लिया. उनके फैन्स टीवी पर कमबैक का इंतजार कर रहे हैं. मालूम हो कि कपिल विवादों में रहने के बाद तनाव में रहने लगे थे. बीमारी की वजह से कपिल का काफी वजन भी बढ़ा. मगर कमबैक के लिए कपिल वजन घटाने की जमकर कोशिश कर रहे हैं.
दिल्ली वालों के लिए सिग्नेचर ब्रिज आज से खुल गया है. लेकिन इसकी शुरुआत ही हंगामेदार रही, रविवार को इसका उद्घाटन हुआ. इस दौरान बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के बीच झड़प हुई. सामने आए वीडियो में अमानतुल्लाह ने मनोज तिवारी को धक्का दिया.
ब्रिज दिल्ली वालों के लिए खुल गया है, लेकिन अब एक नई मुसीबत सामने आई है. नए ब्रिज को देखने के लिए लोग आ रहे हैं और बीच ब्रिज पर भी खड़े होकर सेल्फियां क्लिक कर रहे हैं. इससे कई दफा पुल पर जाम की स्थिति भी बन रही है. ब्रिज को इसलिए बनाया गया है कि वहां पर जाम ना लग सके, लेकिन लोग ब्रिज पर ही गाड़ियां रोक कर सेल्फियां क्लिक कर रहे हैं.
अमानतुल्लाह ने दी सफाई
हंगामे पर सफाई देते हुए अमानतुल्लाह ने कहा कि जब वह (मनोज तिवारी) स्टेज पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की ना कि धक्का दिया. वह जिस तरह से वहां पर बर्ताव कर रहे थे, अगर स्टेज पर आते तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ बुरा बर्ताव करते.
उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी को तो वहां पर बुलाया भी नहीं गया था, फिर भी वह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे. उनके समर्थकों ने हमारे पोस्टर, होर्डिंग्स फाड़ दिए और काले झंडे भी दिखाए. आप विधायक बोले कि मनोज तिवारी अपने समर्थकों के साथ स्टेज की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें नहीं रोका.
आपको बता दें कि सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने किया. इस दौरान मनोज तिवारी बिना किसी निमंत्रण के वहां पर पहुंचे, तभी अमानतुल्लाह खान का एक वीडियो सामने आया. जिसमें वह तिवारी को स्टेज से धक्का देते हुए दिखाई दे रहे हैं.
गौरतलब है कि धक्का-मुक्की की इस घटना के बाद बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को दाऊद का गुर्गा बताया है. साथ ही मामले में आप विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपिल के कॉमेडी शो को सलमान खान का प्रोडक्शन हाउस प्रोड्यूस करेगा. दिसंबर 16 से कपिल शूटिंग शुरू करेंगे. पहले कपिल का बैनर ही शो को प्रोड्यूस करता था. लेकिन ''फैमिली टाइम विद कपिल शर्मा'' के प्रोडक्शन की जिम्मेदारी चैनल ने किसी और को दी थी.
कपिल के शो के लिए फिल्म सिटी के आठवें फ्लोर पर सेट बन रहा है. इसी जगह पर कपिल ने पुराने सीजन किए हैं. बता दें कि 12 दिसंबर को कपिल शर्मा जालंधर में अपनी गर्लफ्रेंड गिन्नी चतरथ से शादी कर रहे हैं. वहीं 14 दिसंबर को रिसेप्शन पार्टी होगी.
कपिल शर्मा ने अपनी शादी की डेट को कंफर्म करते हुए आईएएनएस को बताया था- ''शादी 12 दिसंबर को गिन्नी के होम टाउन जालंधर में होगी. हम इस समारोह को सादा रखना चाहते थे, लेकिन गिन्नी इकलौती बेटी है, इसलिए वे इसे धूमधाम से करना चाहते हैं. मैं उनकी भावनाओं को समझता हूं. मेरी मां भी यही चाहती हैं."
कॉमेडियन लंबे वक्त से लाइमलाइट से दूर हैं. काफी समय तक विवादों में रहने के बाद उन्होंने खुद को लाइमलाइट से दूर कर लिया. उनके फैन्स टीवी पर कमबैक का इंतजार कर रहे हैं. मालूम हो कि कपिल विवादों में रहने के बाद तनाव में रहने लगे थे. बीमारी की वजह से कपिल का काफी वजन भी बढ़ा. मगर कमबैक के लिए कपिल वजन घटाने की जमकर कोशिश कर रहे हैं.
दिल्ली वालों के लिए सिग्नेचर ब्रिज आज से खुल गया है. लेकिन इसकी शुरुआत ही हंगामेदार रही, रविवार को इसका उद्घाटन हुआ. इस दौरान बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के बीच झड़प हुई. सामने आए वीडियो में अमानतुल्लाह ने मनोज तिवारी को धक्का दिया.
ब्रिज दिल्ली वालों के लिए खुल गया है, लेकिन अब एक नई मुसीबत सामने आई है. नए ब्रिज को देखने के लिए लोग आ रहे हैं और बीच ब्रिज पर भी खड़े होकर सेल्फियां क्लिक कर रहे हैं. इससे कई दफा पुल पर जाम की स्थिति भी बन रही है. ब्रिज को इसलिए बनाया गया है कि वहां पर जाम ना लग सके, लेकिन लोग ब्रिज पर ही गाड़ियां रोक कर सेल्फियां क्लिक कर रहे हैं.
अमानतुल्लाह ने दी सफाई
हंगामे पर सफाई देते हुए अमानतुल्लाह ने कहा कि जब वह (मनोज तिवारी) स्टेज पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की ना कि धक्का दिया. वह जिस तरह से वहां पर बर्ताव कर रहे थे, अगर स्टेज पर आते तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ बुरा बर्ताव करते.
उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी को तो वहां पर बुलाया भी नहीं गया था, फिर भी वह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे. उनके समर्थकों ने हमारे पोस्टर, होर्डिंग्स फाड़ दिए और काले झंडे भी दिखाए. आप विधायक बोले कि मनोज तिवारी अपने समर्थकों के साथ स्टेज की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें नहीं रोका.
आपको बता दें कि सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने किया. इस दौरान मनोज तिवारी बिना किसी निमंत्रण के वहां पर पहुंचे, तभी अमानतुल्लाह खान का एक वीडियो सामने आया. जिसमें वह तिवारी को स्टेज से धक्का देते हुए दिखाई दे रहे हैं.
गौरतलब है कि धक्का-मुक्की की इस घटना के बाद बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को दाऊद का गुर्गा बताया है. साथ ही मामले में आप विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही है.
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